पीएम श्री उत्क्रमित विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, छात्र-छात्राओं को बाल विवाह, पॉक्सो, साइबर अपराध और महिला अधिकारों की दी गई जानकारी

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), चाईबासा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर तथा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में बुधवार को पीएम श्री उत्क्रमित विद्यालय में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में अधिकार मित्र सूरज कुमार ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को महिला उत्पीड़न, पॉक्सो अधिनियम, साइबर अपराध और बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में होने वाला विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, इसलिए समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूक होना चाहिए।
शिविर के दौरान स्पॉन्सरशिप योजना की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु होने पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को इस योजना के तहत प्रति माह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आवेदन के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, 75 हजार रुपये या उससे कम वार्षिक आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा माता, पिता और बच्चे का एक-एक फोटो आवश्यक है।
जिला समाज कल्याण विभाग के वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) की ओर से नलिनी गोप और नम्रता गोप ने महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा एवं सहायता सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं से किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क करने की अपील की।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और विधिक अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।




