लुथेरान उच्च विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, छात्र-छात्राओं को बाल विवाह और नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), चाईबासा द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को लुथेरान उच्च विद्यालय, चाईबासा में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर तथा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में पीएलवी असीमा चटर्जी, सूरज कुमार ठाकुर और अलकमा रूही ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और सामाजिक मुद्दों की जानकारी दी।
पीएलवी अलकमा रूही ने बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि लड़कियों की विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह करना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, इसलिए इससे बचना आवश्यक है।
पीएलवी सूरज कुमार ठाकुर ने नशा मुक्ति एवं नशा उन्मूलन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धूम्रपान, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार नशा उन्मूलन के लिए विभिन्न अभियान चला रही है तथा जरूरतमंद लोग नशा मुक्ति केंद्रों और हेल्पलाइन की सहायता ले सकते हैं।
पीएलवी असीमा चटर्जी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका, उद्देश्य तथा पात्र लोगों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर विधिक जागरूकता का संदेश ग्रहण किया।




