एलआईसी धोखाधड़ी मामले में दो दोषी करार, अदालत ने सुनाई कारावास और जुर्माने की सजा

चाईबासा: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की चाईबासा शाखा से जुड़े वर्ष 2017 के धोखाधड़ी मामले में पश्चिमी सिंहभूम के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

सदर थाना कांड संख्या 03/2017 में 4 जनवरी 2017 को एलआईसी चाईबासा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक मणिशंकर प्रसाद के लिखित आवेदन पर दीपक कुमार गुप्ता (पिता-स्व. नेपाल साव), निवासी छोटानीमडीह, बिरसा चौक, चाईबासा तथा सुनैना गुप्ता (पति- दीपक कुमार गुप्ता), निवासी नेहरू कॉलोनी, साकची, जमशेदपुर के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। अनुसंधान के क्रम में वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 21 जुलाई 2026 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षत श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने दीपक कुमार गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 468 के तहत दो-दो वर्ष के कारावास और कुल 3,000 रुपये जुर्माने तथा धारा 467 एवं 471 के तहत चार-चार वर्ष के कारावास और कुल 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
वहीं, सुनैना गुप्ता को धारा 467 एवं 471 के तहत दो-दो वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने तथा धारा 420 एवं 468 के तहत एक-एक वर्ष के कारावास और 3,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत के आदेश के बाद दोनों दोषियों के विरुद्ध आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।




