
चाईबासा: पूर्व मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश, जलजमाव और मौसमी बीमारियों की स्थिति को लेकर झारखंड सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम लंबे समय से मलेरिया प्रभावित क्षेत्र रहा है, बावजूद इसके बारिश के मौसम से पहले आवश्यक स्वास्थ्य तैयारियां नहीं की गईं।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष मौसम परिवर्तन पहले से तय होता है और प्रशासन को उसी के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों, जांच व्यवस्था तथा बचाव संबंधी इंतजाम पहले ही कर लेने चाहिए। लेकिन इस बार लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनने के बावजूद समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि सारंडा और कोल्हान क्षेत्र मलेरिया जोन के रूप में जाना जाता है। बड़ाजामदा, गुवा और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव तथा कई नदियों के उफान पर होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे हालात में मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने आनंदपुर प्रखंड के पहाड़डीहा गांव में बीमारी से दो बच्चियों की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना के बाद प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि पहले से पर्याप्त तैयारी नहीं थी। उनका कहना था कि यदि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन समय रहते गांव-गांव में स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चलाता, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
पूर्व मंत्री ने सरकार से मांग की कि जिले के ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए, नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जाए तथा मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को समय पर इलाज और सुरक्षा मिल सके।




