*मुख्यमंत्री का गुवा दौरा रद्द, मंत्री दीपक बिरुवा समेत नेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि*
*कैबिनेट मंत्री, सांसद जोबा माझी और क्षेत्र के विधायकों ने शहीद स्थल पहुंचकर किया नमन, पारंपरिक तरीके से दी गई श्रद्धांजलि*

चाईबासा: गुवा गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में मंगलवार को गुवा शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गुवा पहुंचना था, लेकिन अपनी मां रूपी सोरेन का इलाज कराने हैदराबाद जाने के कारण मुख्यमंत्री का गुवा दौरा रद्द हो गया। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में राज्य के राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा, सिंहभूम की सांसद जोबा माझी और क्षेत्र के विधायकों ने शहीद स्थल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद स्थल पर सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दिनभर पश्चिमी सिंहभूम के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। क्षेत्र के लोगों ने अपनी पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना कर शहीदों को नमन किया। इस दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने भी शहीद स्थल पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।
राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि गुवा गोलीकांड झारखंड के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है। शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति को बनाए रखना समाज और सरकार की जिम्मेदारी है। उनके विचारों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने भी शहीद स्थल पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गुवा के शहीदों का बलिदान क्षेत्र के लोगों के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने शहीदों के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायकों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विधायकों ने कहा कि गुवा गोलीकांड झारखंड के आंदोलन और संघर्ष के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण घटना है। शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से शहीदों के आदर्शों और संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की।
शहीद स्थल पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी पहुंचे। सभी ने शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना और श्रद्धांजलि का कार्यक्रम चलता रहा।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के दौरे के रद्द होने के बावजूद गुवा में शहीद दिवस कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी बनी रही। सुबह से शाम तक अलग-अलग क्षेत्रों से लोग शहीद स्थल पहुंचते रहे और शहीदों को नमन करते रहे। कार्यक्रम के दौरान गुवा गोलीकांड के शहीदों की स्मृति और उनके बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।




