Jamshedpur : डालसा ने POSH Act, 2013 पर आयोजित किया एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
30 पीएलवी सह अधिकार मित्रों को कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार

- शिकायत प्रक्रिया और सुरक्षित वातावरण की दी जानकारी
- सुरक्षित कार्यस्थल के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
जमशेदपुर : डालसा, न्याय सदन, सिविल कोर्ट, जमशेदपुर के सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम एवं निवारण के लिए POSH Act, 2013 पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डालसा के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी एवं पैनल अधिवक्ता प्रीति मुर्मू ने 30 पीएलवी सह अधिकार मित्रों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 लागू किया गया है। यह अधिनियम 22 अप्रैल 2013 को अधिनियमित हुआ तथा 9 दिसंबर 2013 से प्रभावी हुआ।
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कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डालसा का जागरूकता कार्यक्रम
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि POSH Act का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करना, ऐसी घटनाओं की रोकथाम करना तथा प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करना है। अधिनियम में महिला की गरिमा, समानता और सुरक्षित कार्य वातावरण के अधिकार को विशेष महत्व दिया गया है। प्रशिक्षकों ने बताया कि अनचाहा शारीरिक संपर्क या व्यवहार, यौन संबंध बनाने का अनुरोध, यौन रंग वाली टिप्पणियां, अश्लील सामग्री दिखाना तथा किसी भी प्रकार का अनचाहा मौखिक, अमौखिक या शारीरिक यौन व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आ सकता है।
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POSH Act के तहत यौन उत्पीड़न की विभिन्न श्रेणियों की दी जानकारी
प्रशिक्षण में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के गठन और उसकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि ऐसे प्रत्येक कार्यस्थल, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी हैं, वहां अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार Internal Complaints Committee का गठन आवश्यक है। यह समिति कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों को प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और निवारण करती है। वहीं, जहां ICC का गठन लागू प्रावधानों के अनुसार नहीं होता अथवा संस्थान की प्रकृति के कारण स्थानीय स्तर पर शिकायत व्यवस्था लागू होती है, वहां Local Committee (LC) के माध्यम से शिकायतों के निवारण की व्यवस्था की जाती है। शिकायत एवं जांच से संबंधित जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी अधिनियम का महत्वपूर्ण प्रावधान है।
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10 या अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में ICC का गठन जरूरी
पीएलवी सह अधिकार मित्रों से कहा गया कि वे कार्यस्थलों पर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें और किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न को चुपचाप सहन नहीं करने के लिए प्रेरित करें। पीड़ित महिला को निर्धारित शिकायत तंत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। साथ ही बताया गया कि कार्यस्थल को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नियोक्ता, सहकर्मियों और पूरे संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी पीएलवी को POSH Act, 2013 के प्रावधानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने में सहयोग करने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण में नागेंद्र कुमार, राम कण्डे मिश्रा, सुनील पांडेय, अरुण रजक, जोभा माझी, गोलोरिया पूर्ति, जयंतो नंदी सहित अन्य पीएलवी मौजूद रहे।




