*जागरूकता शिविर में अंधविश्वास से दूर रहने की अपील, जादू-टोना और झाड़-फूंक के बजाय कराएं इलाज*

चाईबासा: मध्य विद्यालय खपरसाई, चाईबासा में 27 अगस्त को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा मौहम्मद शाकिर तथा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया।

शिविर को संबोधित करते हुए पीएलवी हेमराज निषाद और पीएलवी रत्ना चक्रवर्ती ने छात्र-छात्राओं को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, सांप के डसने या किसी बीमारी की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय उपचार कराना चाहिए। गांवों में प्रचलित झाड़-फूंक और जादू-टोना जैसी प्रथाओं से बचते हुए सरकारी अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने की सलाह दी गई।
अधिकार मित्रों ने बच्चों और श्रमिकों की तस्करी के प्रति भी जागरूक किया। बताया गया कि कुछ लोग लालच देकर बच्चों और श्रमिकों को बाहर ले जाकर उनका शोषण करते हैं। ऐसे किसी संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।
शिविर में कन्या भ्रूण हत्या और प्रसव पूर्व लिंग जांच को अपराध बताते हुए इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही किसी व्यक्ति को डायन कहना भी अपराध है। लोगों से अंधविश्वास पर विश्वास नहीं करने तथा ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति को चिकित्सकीय सहायता दिलाने या विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के गठन, उद्देश्य और इससे मिलने वाली कानूनी सहायता एवं अन्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें पुलिस हेल्पलाइन 100 एवं 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एंबुलेंस 108, अग्निशमन 101, नालसा हेल्पलाइन 15100 तथा साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं।
जागरूकता शिविर में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय की प्राचार्य मालती सिंकु एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।




