खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में 7 सितंबर को राजनगर में झामुमो का विशाल धरना

राजनगर (रिपोर्ट- रविकांत गोप)। केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। झामुमो राजनगर प्रखंड कमेटी की ओर से 7 सितंबर 2026 को राजनगर प्रखंड मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी झामुमो ने 7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालयों पर धरना देने का निर्णय लिया है।
धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए राजनगर में झामुमो कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने सिदो-कान्हू चौक के समीप केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने की मांग की।
झामुमो के केंद्रीय सदस्य विश्व हेंब्रम ने कहा कि खान एवं खनिज संशोधन विधेयक झारखंड के अधिकार, अस्मिता और आर्थिक हितों के लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विधेयक को लेकर पार्टी की ओर से जोरदार आंदोलन करने की बात कही। उनका कहना है कि झारखंड के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पार्टी सड़क से लेकर हर स्तर तक संघर्ष करेगी।
वहीं, झामुमो राजनगर प्रखंड अध्यक्ष राम सिंह हेंब्रम ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने आशंका जताई कि संशोधन से राज्य के खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि से जुड़े राजस्व पर असर पड़ सकता है। इससे राज्य की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों पर दबाव बढ़ने की बात उन्होंने कही।
झामुमो नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा और राज्य के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी ने 7 सितंबर को राजनगर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों और कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील की है।
बैठक एवं विरोध-प्रदर्शन में प्रखंड अध्यक्ष राम सिंह हेंब्रम, केंद्रीय सदस्य विश्व हेंब्रम, प्रखंड उपाध्यक्ष भुगतू माड़ी, दिलीप कुमार महतो, दुर्गा लाल मुर्मू, घसीराम सोरेन, शेखर महाकुड, संजय हांसदा, सीताराम हांसदा, राजाराम सरदार, यसमंत सरदार, कार्तिक महाकुड, सुकलाल मुमू, सिविल देवगांव, सोनाराम मार्डी, तापस बिसोय, बरसा टुडू, ठाकुरा मुर्मू समेत बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झामुमो के आंदोलन के ऐलान के बाद राजनगर में खान-खनिज संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब 7 सितंबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।




