बाईपास चौक पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा को लेकर विवाद, झामुमो और आदिवासी संगठन आमने-सामने

चाईबासा: चाईबासा के बाईपास चौक पर पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) 4 अगस्त को प्रतिमा के अनावरण की तैयारी कर रहा है, वहीं आदिवासी हो समाज महासभा, मानकी मुंडा संघ और अन्य संगठनों ने पहले कोल्हान के स्थानीय वीर शहीदों और क्रांतिकारियों की प्रतिमा स्थापित करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

झामुमो जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि प्रतिमा स्थापना वाले क्षेत्र के ग्रामसभा सदस्यों और रैयतों को कोई आपत्ति नहीं है तथा कुछ लोग राजनीतिक कारणों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी महापुरुष और शहीद पूरे राज्य की साझा धरोहर हैं और सभी को समान सम्मान मिलना चाहिए।

वहीं आदिवासी हो समाज महासभा के सदस्य रेयांश सामड ने कहा कि उनका विरोध शिबू सोरेन की प्रतिमा से नहीं, बल्कि बाईपास चौक पर पहले कोल्हान के स्थानीय वीर शहीदों और क्रांतिकारियों की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग को लेकर है। उन्होंने ग्रामसभा से चर्चा नहीं होने का भी आरोप लगाया।
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं लगनी चाहिए, लेकिन एक ही स्थान को लेकर विवाद उचित नहीं है। प्रशासन अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी प्रतिमा स्थापना में सहयोग के लिए तैयार है। फिलहाल बाईपास चौक पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।




