
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र में गुरुवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने एक खुदरा और एक थोक दवा दुकान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं की उपलब्धता, उनके रख-रखाव तथा रिकॉर्ड की जांच करना था।

जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से संबंधित दवाएं उपलब्ध मिलीं। अधिकारियों ने दवाओं के क्रय, विक्रय और स्टॉक का मिलान किया, जो अभिलेखों के अनुरूप एवं संतोषजनक पाया गया। रिकॉर्ड संधारण और दवाओं के भंडारण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप उपलब्ध नहीं था। साथ ही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं के भंडारण की व्यवस्था भी संतोषजनक पाई गई।
हालांकि, एक दवा दुकान में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा मिला, जिस पर संचालक को शीघ्र सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया गया। वहीं दोनों दुकानों में अग्निशामक यंत्र नहीं पाए गए। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर अग्निशामक यंत्र लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि आपात स्थिति से निपटने के लिए यह व्यवस्था अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान में नशीली दवाओं के अवैध उपयोग या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली। दोनों दुकानों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता संबंधी पोस्टर भी लगाए गए थे।
अधिकारियों ने दवा विक्रेताओं को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों या निकटतम पुलिस थाना को सूचित करें, ताकि समय पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।




