
- स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग तेज
गुवा : लगातार हो रही भारी बारिश ने गुवा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, बड़ाजामदा और सारंडा क्षेत्र में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे अधिक प्रभावित बड़ाजामदा क्षेत्र है, जहां तेज वर्षा शुरू होते ही पहाड़ियों से उतरने वाला पानी शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर देता है। कई मोहल्लों और निचले इलाकों में घरों के भीतर चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। इसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कपड़े तथा अन्य घरेलू सामान पानी में डूबकर खराब हो रहे हैं। कई परिवारों को अपने ही घरों में सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है और उन्हें अस्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है।
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हर साल दोहराई जा रही समस्या से लोगों में बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर वर्ष इसी तरह के हालात बनते हैं। इसके बावजूद पहाड़ियों से आने वाले पानी की निकासी के लिए अब तक कोई स्थायी और प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि वर्षों से जलनिकासी की समस्या को लेकर मांग उठाई जा रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई। परिणामस्वरूप लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए पक्के मकान भी बरसात के दिनों में चिंता और परेशानी का कारण बन जाते हैं। नागरिकों का कहना है कि अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है और इसके लिए दीर्घकालिक योजना बनाकर कार्यान्वयन की आवश्यकता है।
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किरीबुरू में तालाब लबालब, पुलिया की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
दूसरी ओर, लगातार बारिश के कारण किरीबुरू स्थित लोकेश्वर नाथ मंदिर तालाब और लेक गार्डन तालाब पूरी तरह भर चुके हैं। जलस्तर बढ़ने से जाकिर हुसैन पार्क परिसर में भी पानी प्रवेश कर गया है। सीजीएम आवास और मंदिर के बीच स्थित पुलिया पर दोनों तालाबों के पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में पुलिया की मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं, लेकिन लोगों का मानना है कि प्रशासन को समय रहते पुलिया का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए। साथ ही क्षेत्र में बेहतर जलनिकासी व्यवस्था विकसित कर भविष्य में बाढ़ जैसे हालात से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।




