नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया 45 हजार रुपये जुर्माना

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जेटेया थाना कांड संख्या-02/2020 में नाबालिग बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के चर्चित मामले में न्यायालय ने दोषी रावण लागुरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला मंगलवार को पॉक्सो केस संख्या-17/2020 में अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय संतोष आनंद की अदालत ने सुनाया।

जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी 2020 को जेटेया थाना में बाबाडीहा के कोचासाई टोला निवासी रावण लागुरी (पिता- जवाहरलाल लागुरी) के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 370(4), 201 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत नाबालिग बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य सहित अन्य आवश्यक प्रमाण एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध किए।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय संतोष आनंद की अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माना, भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत चार वर्ष का कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 201 के तहत चार वर्ष का कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।




