
- ट्रैक्टरों पर कार्रवाई, हाईवा पर चुप्पी से ग्रामीणों में नाराजगी
गोइलकेरा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा क्षेत्र में बालू परिवहन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ओर स्थानीय ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जब्त किया जा रहा है और खनन विभाग को सौंपा जा रहा है, जबकि दूसरी ओर बालू लदे हाईवा वाहनों का संचालन बिना किसी रोक-टोक के जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि एनजीटी के नियमों का हवाला देकर ट्रैक्टर चालकों पर सख्ती दिखाई जा रही है, लेकिन बड़े वाहनों के मामले में प्रशासन का रवैया अलग नजर आ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है और ग्रामीण निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने रोके दो हाईवा, थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद बढ़ा विवाद
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार रात करीब 9:59 बजे बालू लदे दो हाईवा वाहनों को रोककर उनसे परिवहन से संबंधित जानकारी मांगी गई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि ट्रैक्टरों से बालू ढुलाई नियमों के विरुद्ध मानी जा रही है, तो हाईवा किस आधार पर बालू का परिवहन कर रहे हैं। सूचना मिलने पर गोइलकेरा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने दोनों वाहनों का चालान होने की बात कही और उन्हें आगे जाने दिया। इसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित बालू का स्टॉक दलकी गांव में है और दोनों हाईवा सेरेंगदा घाट से बालू लेकर गोइलकेरा थाना के सामने से होकर गुजर रहे थे।
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अनियमितता की जांच और कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हाईवा में निर्धारित मात्रा से अधिक बालू लोड होने के बावजूद केवल 300 सीएफटी का चालान जारी किया जा रहा है। इसे लेकर उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के कथित दोहरे रवैये से क्षेत्र में आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा और असंतोष का माहौल बना हुआ है।




