*कांग्रेस भवन में मनाई गई डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती, राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद*

चाईबासा: कांग्रेस भवन, चाईबासा में गुरुवार को भारत रत्न एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। साथ ही राष्ट्र निर्माण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान और उनके विचारों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री देवेन्द्र नाथ चंपिया ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन सादगी, समर्पण, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को नई पहचान दिलाई। साथ ही देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. कलाम का मानना था कि देश का भविष्य युवाओं की प्रतिभा, शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच पर निर्भर करता है।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और ईमानदारी के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनके विचार आज भी युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम के सपनों का भारत बनाने के लिए शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी है।
इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों ने डॉ. कलाम के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने तथा देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश सचिव अशरफुल होदा, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, वरिष्ठ कांग्रेसी इम्तियाज खान, राधा मोहन बनर्जी, लियोनर्ड बोदरा, सुरसेन तोपनो, कलीम अख्तर, सुशील दास, जगन्नाथ पान, सुखलाल तुबीद, विनोद खंडाईत और सूर्या लाल सिंकु सहित अन्य लोग उपस्थित थे।




