*विश्व हाथ धुलाई दिवस पर कार्यशाला, स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने पर जोर*

चाईबासा: विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की जिला स्तरीय कार्यशाला-सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त मनीष कुमार की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला एवं प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधि, आईडीएफ-यूनिसेफ समर्थित टीम और जलसहियाएं शामिल हुईं।
कार्यशाला में हाथों की सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रामक बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मियों को 15 अक्टूबर 2026 को प्रखंड, पंचायत और ग्राम स्तर पर विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाने तथा जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। SUMANK विधि से साबुन और स्वच्छ पानी के साथ हाथ धोने का सही तरीका भी बताया गया।
उपायुक्त ने विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और सरकारी संस्थानों में हाथ धुलाई तथा साफ-सफाई से जुड़ी गतिविधियां चलाने को कहा। उन्होंने भोजन से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चाईबासा और चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र की पांच-पांच जलसहियाओं को तीन दिनों के भीतर 500-500 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई।
ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पंचायत भवनों में भस्मक निर्माण, शौचालयों की नियमित सफाई, सोख्ता और नाडेप संरचनाओं के रखरखाव तथा मलेरिया से बचाव के उपायों पर चर्चा हुई। घरों में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कीटनाशक छिड़काव और स्वच्छ पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में तीन दिवसीय स्वच्छता महाअभियान आयोजित करने की जानकारी भी दी गई। इसके तहत गांवों, नाडेप-सोख्ता संरचनाओं और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों की सफाई होगी। स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले गांवों और उनकी टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा।




