*खाद्य सुरक्षा को लेकर सघन जांच के निर्देश, अब तक 78 हजार रुपये का जुर्माना*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा परामर्शी समिति की बैठक हुई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. मीना कलुण्डिया, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, जांच और नियमों के पालन की समीक्षा की गई।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष में अब तक जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में 225 निरीक्षण किए गए हैं और 48 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा से जुड़े चार मामलों में अपर समाहर्ता-सह-न्याय निर्णयन पदाधिकारी के न्यायालय ने कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 69 के तहत 14 खाद्य कारोबारियों पर 38 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस तरह कुल 78 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने आगामी दुर्गापूजा सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित और सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच कराने और मिलावटी व असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने को कहा।
बैठक में एनालॉग पनीर और मिलावटी पनीर की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता, भंडारण तथा स्वच्छता की जांच करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने प्रमुख चौक-चौराहों पर ठेला-खोमचा लगाकर खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों को भी जागरूक करने को कहा। उन्हें साफ-सफाई रखने, स्वच्छ उपकरणों का उपयोग करने और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से तैयार करने व रखने की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




