पोटका में सूचना का अधिकार दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया गया जोर

पोटका। रंभा शैक्षणिक संस्थान और झारखंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान परिसर में सूचना का अधिकार दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक दिवसीय जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को सूचना के अधिकार के प्रति जागरूक करना तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मंच संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुमन लता ने किया, जबकि संस्थान की प्राचार्या डॉ. कल्याणी कबीर ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का अभिनंदन किया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने सूचना के अधिकार को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण साधन बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाई जा सकती है। साथ ही भ्रष्टाचार को उजागर करने, सरकारी तंत्र की मनमानी पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी आरटीआई की अहम भूमिका है।
झारखंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष दिनेश कुमार किनु ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आरटीआई आवेदन भरने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।
वहीं, प्रेस क्लब जमशेदपुर के जनरल सेक्रेटरी विकास श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी योजनाओं तथा सरकारी कार्यों की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी प्राप्त करना सूचना के अधिकार के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड के अध्यक्ष कर्नल नीलांबर झा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाता है, तो इसका प्रभाव केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना मानवाधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
संस्थान के अध्यक्ष श्री राम बचन ने अध्यक्षीय संबोधन में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करें।
संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को सूचना के अधिकार के प्रभावी उपयोग, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा सामाजिक जवाबदेही के महत्व को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने जागरूक नागरिकों के निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।




