डोमजूडी में रक्तदान शिविर का आयोजन, 64 यूनिट रक्त संग्रह; हर तीन महीने में लगेगा कैंप

जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के डोमजूडी पंचायत की ओर से रविवार को पंचायत भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 64 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं ब्लड मैन डॉ. सुरेश कुमार सैनी, पूर्व सिविल सर्जन डॉ. ए.के. लाल, उपभोक्ता न्यायालय की जज अल्पना मिश्रा, पंचायत की मुखिया अनीता मुर्मू, जिला परिषद सदस्य हिरण्यमय दास, उपमुखिया जय गोपाल दास तथा धालभूमगढ़ निवासी सपन महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मुखिया अनीता मुर्मू और जिला परिषद सदस्य हिरण्यमय दास ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम है। क्षेत्र में रक्त की कमी के कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से डोमजूडी पंचायत की ओर से पहली बार रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 64 यूनिट रक्त संग्रह हुआ।
मुखिया अनीता मुर्मू ने कहा कि यह शिविर केवल शुरुआत है। पंचायत की ओर से आने वाले दिनों में हर तीन महीने पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके और रक्त की कमी के कारण किसी गरीब परिवार को कठिन परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़े।
257 बार रक्तदान कर चुके हैं डॉ. सुरेश कुमार सैनी
रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश कुमार सैनी हरियाणा से पोटका पहुंचे थे। उन्होंने अब तक 257 बार रक्तदान कर रक्तदान के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इस योगदान ने शिविर में उपस्थित लोगों और रक्तदाताओं को प्रेरित किया।
वहीं, धालभूमगढ़ निवासी सपन महतो ने भी शिविर में रक्तदान किया। वह अब तक 90 बार रक्तदान कर चुके हैं। दोनों नियमित रक्तदाताओं ने अपने योगदान से लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक होने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का संदेश दिया।
इन लोगों ने निभाई अहम भूमिका
रक्तदान शिविर को सफल बनाने में डोमजूडी ग्राम पंचायत की मुखिया अनीता मुर्मू, जिला परिषद सदस्य हिरण्यमय दास, उपमुखिया जय गोपाल दास सहित विक्रम दास, जगदीश दास ओझा, राजेश कर्मकार, समर दास, अमित रौशन बारा, बलराम साह, सचिन महतो, गुलाबी मुर्मू, बसंती किस्कू, प्रतिमा दास, उर्मिला कर्मकार, सीता हासदा, अंजली मुर्मू और जालिम मार्डी ने अहम योगदान दिया।
पंचायत की इस पहल को क्षेत्र में नियमित रक्तदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हर तीन महीने पर शिविर आयोजित करने की घोषणा से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने की उम्मीद है।




