सैडल गेट-झाड़बेड़ा के बीच धंस रही सड़क, गहरी खाई में गिरने का खतरा; बड़ाजामदा-मनोहरपुर मार्ग पर मंडरा रहा हादसे का खतरा
प्राकृतिक जलस्रोत के बहाव और बारिश से मिट्टी कटाव के कारण सड़क की नींव कमजोर, गार्डवाल भी खतरे में; स्थानीय लोगों ने तत्काल मरम्मत की मांग की
गुवा: बड़ाजामदा–छोटानागरा–मनोहरपुर मुख्य सड़क मार्ग पर सैडल गेट और झाड़बेड़ा गांव के बीच घाटी में सड़क का करीब आधा हिस्सा धंसने की स्थिति में पहुंच गया है। सड़क के एक ओर पहाड़ी और दूसरी ओर गहरी खाई है। ऐसे में यदि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया तो गार्डवाल के सड़क समेत खाई में गिरने और मार्ग के पूरी तरह बंद होने का खतरा बना हुआ है।
लगातार जल प्रवाह से कमजोर हो रही सड़क
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के नीचे से प्राकृतिक जलस्रोत का पानी लगातार बहता है। बारिश के दौरान जल प्रवाह बढ़ने से मिट्टी का कटाव तेज हो जाता है, जिसके कारण सड़क की नींव कमजोर हो रही है।
सड़क की सुरक्षा के लिए बनाया गया गार्डवाल भी अब खतरे में बताया जा रहा है। इसके कभी भी सड़क के हिस्से के साथ खाई में गिरने की आशंका जताई जा रही है।
50 मीटर आगे पहले ही धंस चुका है गार्डवाल
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में धंस रहे हिस्से से करीब 50 मीटर आगे पहले ही गार्डवाल सड़क के एक हिस्से समेत धंसकर खाई में समा चुका है। इसके बावजूद वर्तमान में प्रभावित हिस्से की स्थायी सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को किसी दुर्घटना या सड़क पूरी तरह बंद होने का इंतजार करने के बजाय अभी से आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने चाहिए।
तितलीघाट पुल की स्थिति भी चिंताजनक
बड़ाजामदा–छोटानागरा–मनोहरपुर मार्ग पर तितलीघाट पुल की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ सड़क के कई हिस्सों में बारिश और जल कटाव का असर दिखाई दे रहा है।
झारखंड-ओडिशा को जोड़ता है महत्वपूर्ण मार्ग
बड़ाजामदा–छोटानागरा–मनोहरपुर मार्ग झारखंड और ओडिशा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पथ निर्माण विभाग से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है।
लोगों ने गार्डवाल के पुनर्निर्माण, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा सड़क और तितलीघाट पुल की आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि मार्ग पर आवागमन सुरक्षित बना रहे और संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।




