*127 शिक्षकों को दिया गया बच्चों की प्रारंभिक नेत्र जांच का प्रशिक्षण*

चाईबासा: राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को श्रद्धानंद बालिका मध्य विद्यालय, चाईबासा में स्कूली बच्चों की प्रारंभिक नेत्र जांच को लेकर शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सदर प्रखंड के विभिन्न कोटि के विद्यालयों से कुल 127 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को स्कूली बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक पहचान और समय पर जांच के लिए आवश्यक जानकारी देना था। प्रशिक्षण के दौरान सदर अस्पताल चाईबासा के नेत्र पदाधिकारी डॉ. मनोज सिंह मुंडा ने शिक्षकों को बच्चों की आंखों की जांच से संबंधित जरूरी जानकारी दी।
डॉ. मनोज सिंह मुंडा ने कहा कि स्कूली बच्चों की प्रारंभिक नेत्र जांच बेहद जरूरी है। समय रहते दृष्टि संबंधी समस्या की पहचान होने पर बच्चों को उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने शिक्षकों को दृष्टि दोष के प्रमुख कारणों और इसके लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग करने के आसान तरीकों के बारे में भी बताया गया। शिक्षकों को स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को प्रायोगिक तरीके से समझाया गया, ताकि वे विद्यालय स्तर पर बच्चों में दृष्टि संबंधी परेशानी के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर सकें और जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेज सकें।
कार्यक्रम में सदर अस्पताल चाईबासा की नेत्र सहायक कविता महतो, प्रखंड संसाधन केंद्र चाईबासा की प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी शकुंतला बानरा तथा विशेष शिक्षिका प्रतिमा कालुंडिया उपस्थित थीं। इसके अलावा सदर प्रखंड चाईबासा के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को बच्चों की आंखों की देखभाल, दृष्टि दोष की पहचान और प्रारंभिक स्तर पर स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।




