जमशेदपुर में छत्तीसगढ़ी समाज की महिलाओं ने शुरू किया निर्जला तीज व्रत, पति की दीर्घायु की कामना
बागुनहातु के श्री श्री शिव शीतला माता मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ महिलाओं ने लिया तीज व्रत का संकल्प

जमशेदपुर: छत्तीसगढ़ी समाज की महिलाओं द्वारा मनाए जाने वाले पारंपरिक तीज व्रत का शुभारंभ रविवार, 13 सितंबर 2026 से हुआ। इस अवसर पर बागुनहातु स्थित श्री श्री शिव शीतला माता मंदिर परिसर में छत्तीसगढ़ी महिला समिति की ओर से विशेष आयोजन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार करू भात ग्रहण करने के बाद निर्जला तीज व्रत रखने का संकल्प लिया।
अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना
तीज व्रत छत्तीसगढ़ी समाज की महिलाओं के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर यह कठिन व्रत करती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करती हैं।
पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं महिलाएं
रविवार को मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं। पूजा-अर्चना के बाद सभी ने सामूहिक रूप से तीज व्रत का संकल्प लिया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं और व्रत से जुड़ी परंपराओं एवं धार्मिक मान्यताओं पर चर्चा की।
संस्कृति और एकजुटता का पर्व
छत्तीसगढ़ी महिला समिति के अनुसार, तीज केवल धार्मिक व्रत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को अपनी संस्कृति, परंपरा और आपसी एकजुटता से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पर्व भी है। समिति की ओर से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का भी प्रयास किया जाता है।
समिति की महिलाएं रहीं मौजूद
कार्यक्रम में समिति की अध्यक्षा शशि साहू के अलावा पिंकी निषाद, गीता निषाद, पिंकी साहू, किरण साहू और लता साहू सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने श्रद्धा और उत्साह के साथ तीज व्रत का संकल्प लिया। पारंपरिक आयोजन और महिलाओं की बड़ी उपस्थिति से मंदिर परिसर में पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक छटा देखने को मिली।




