Jamshedpur : नि:शुल्क कांवर यात्रा के लिए 1000 शिवभक्तों का पंजीयन पूरा, 9 अगस्त को सुल्तानगंज होंगे रवाना
बाबा बैद्यनाथ सेवा संघ की 11वीं कांवर यात्रा की तैयारी पूरी, महिला श्रद्धालुओं की संख्या रही अधिक

जमशेदपुर : बाबा बैद्यनाथ सेवा संघ द्वारा आयोजित नि:शुल्क कांवर यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। साकची स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संघ के संस्थापक सदस्य विकास सिंह ने बताया कि इस वर्ष 1000 शिवभक्तों को सुल्तानगंज से देवघर तक की पैदल कांवर यात्रा पर ले जाने की व्यवस्था की गई है। यात्रा के लिए पंजीयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें 543 महिलाओं और 457 पुरुषों ने अपना नाम दर्ज कराया है। कदमा, सोनारी, बिष्टुपुर, साकची और मानगो समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यह संघ की 11वीं नि:शुल्क कांवर यात्रा है और 9 अगस्त को श्रद्धालु कोच बस, छोटी गाड़ियों तथा ट्रेन के माध्यम से सुल्तानगंज के लिए रवाना होंगे। यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
इसे भी पढ़ें : Chaibasa : गुरुजी की प्रतिमा का विरोध झारखंड को बांटने की साजिश – सोनाराम देवगम
विकास सिंह ने बताया कि यात्रा में शामिल प्रत्येक कांवरिया को पहचान के लिए लाल रंग की टोपी और नीले रंग की गंजी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही फोटो एवं मोबाइल नंबर युक्त पहचान पत्र भी दिया जाएगा, जिससे धर्मशालाओं और वाहनों में प्रवेश तथा अन्य सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कोई भी श्रद्धालु रास्ता न भटके, इसके लिए सेवक बमों की विशेष टीम बनाई गई है। रेडियम लगे विशेष परिधान पहनकर और वॉकी-टॉकी से लैस सेवक बम साइकिल के माध्यम से लगातार कांवर पथ पर गश्त करेंगे तथा श्रद्धालुओं को निर्धारित पड़ावों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है ताकि यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में स्वच्छता पखवाड़ा का शुभारंभ, छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली
डॉक्टर, नर्स, एंबुलेंस और आठ पड़ावों पर विशेष व्यवस्था
संघ की ओर से स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। यात्रा दल में डॉक्टर, नर्स और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है, जो पूरे मार्ग में कांवरियों के स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक एंबुलेंस भी जत्थे के साथ चलेगी। विकास सिंह ने बताया कि पैदल कांवर पथ पर कुल आठ पड़ाव आरक्षित किए गए हैं, जहां भोजन, विश्राम, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रत्येक पड़ाव पर निजी जनरेटर की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की थकान दूर करने और धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। विशेष झांकियों की प्रस्तुति के लिए छत्तीसगढ़ से कलाकारों को आमंत्रित किया गया है।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : एक पौधा भविष्य के नाम अभियान के तहत दोमुहानी संगम घाट पर हुआ पौधारोपण
देवघर में होटल महामाया आरक्षित, डेढ़ सौ सेवक बम पहले होंगे रवाना
विकास सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग 150 सेवक बम एक दिन पहले ट्रेन से सुल्तानगंज रवाना होंगे और सभी पड़ावों की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों में देवघर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मारवाड़ी कांवर संघ परिसर आरक्षित किया जाता था, लेकिन इस बार पानी की समस्या को देखते हुए शिवगंगा के समीप स्थित होटल महामाया को पूरी तरह बुक किया गया है। यहां श्रद्धालु जलार्पण के बाद विश्राम करेंगे और बाजार भ्रमण भी कर सकेंगे। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ धाम के दर्शन के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रेस वार्ता में काजल प्रसाद, राधा अग्रवाल, विद्या देवी, अंजनी देवी, ऊषा रानी दास, कमला देवी, सुमन सिन्हा, पायल कुमारी और चंदना बनर्जी सहित कई सदस्य उपस्थित थे।




