सीबीआई के हत्थे चढ़े चक्रधरपुर रेल मंडल के डिप्टी मुख्य सिग्नल इंजीनियर, रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

चाईबासा: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में पदस्थापित डिप्टी मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता सत्यम कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि अमित तिबड़ेवाल समेत कंपनी से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, करोड़ों रुपये के सिग्नल एवं दूरसंचार कार्यों से संबंधित फाइलों और बिलों को पास कराने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि मई 2026 में वैरिएशन फाइल को मंजूरी दिलाने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत सत्यम कुमार को दी गई थी। मामले में दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय, गार्डन रीच (कोलकाता) के कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, 24 जुलाई को सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट और वैरिएशन बिल की प्रक्रिया की जानकारी देने के बाद 25 जुलाई की सुबह हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस की यात्रा के दौरान हावड़ा स्टेशन पर रिश्वत की शेष राशि देने की योजना बनाई गई थी। पहले से मिली सूचना के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
सीबीआई का आरोप है कि सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रेलवे को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और संबंधित कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह साजिश रची गई थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले की जांच सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, कोलकाता के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तरुण कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। एजेंसी पूरे वित्तीय लेन-देन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।




