जमशेदपुर में भारतीय किसान यूनियन का सांकेतिक अनशन, किसानों की मांगों के साथ NEET पेपर लीक जांच और छात्रों को न्याय की उठी आवाज

जमशेदपुर: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के बैनर तले सोमवार को साकची स्थित बिरसा चौक में किसानों की विभिन्न मांगों, नीट (NEET) पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच तथा छात्र आंदोलन में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल आयोजित की गई।

कार्यक्रम का नेतृत्व सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान एवं किसान नेता सरदार भगवान सिंह ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे दो मिनट का मौन रखकर छात्र आंदोलन में मृत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद गुरमीत सिंह गिल, अवतार सिंह सिद्धू, इंद्रपाल सिंह और हरभजन सिंह सांकेतिक अनशन पर बैठे।
अनशन के दौरान किसानों और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने NEET पेपर लीक की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी, किसानों एवं मजदूरों की ऋणमाफी, मनरेगा में रोजगार के दिनों और मजदूरी बढ़ाने तथा कृषि हितों से जुड़े व्यापारिक समझौतों में पारदर्शिता की मांग की।
दोपहर बाद टेल्को डूंगरी, बिष्टुपुर और नामदा बस्ती गुरुद्वारों के पदाधिकारी भी अनशन स्थल पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सहित कई सामाजिक एवं जनसंगठनों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर किसानों और छात्रों के लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति एकजुटता जताई।
अनशन का समापन सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष सरदार शैलेंद्र सिंह ने कराया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसानों के अधिकारों और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।




