
चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में मई 2026 में उजागर हुए अंतरराज्यीय मानव तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सांगाजाटा निवासी बुधराम गोप, गुड़ासाई निवासी दुर्योधन कुमार उर्फ बिरजू और बिन्दीरांगरुई निवासी तुराम कांडेयांग उर्फ अरुण शामिल हैं। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी ग्रामीणों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर रोजगार और अधिक कमाई का लालच देकर अपने झांसे में लेते थे। इसके बाद उन्हें मजदूरी के नाम पर दूसरे राज्यों में भेजने की व्यवस्था करते थे और इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे।
गौरतलब है कि 17 मई 2026 की रात पोड़ाहाट के एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी को सूचना मिली थी कि चक्रधरपुर के एक होटल में कई लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। चक्रधरपुर थाना पुलिस, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्रम विभाग, कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन तथा चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम ने होटल में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान 30 महिला-पुरुष मजदूरों और छह नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। इनमें पांच लड़के और एक लड़की शामिल थे। जांच में खुलासा हुआ कि सभी को बंधुआ मजदूरी के लिए गुजरात भेजने की तैयारी की जा रही थी। मौके से मजदूरों को ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही बस भी जब्त की गई थी।
इससे पहले पुलिस गुजरात के मोरवी और राजकोट के दो मुख्य आरोपियों निकुंज गोविन्द बोरसानिया और निलेश भाई शाह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, मुक्त कराए गए छह बच्चों को बाल कल्याण समिति चाईबासा के निर्देश पर काउंसलिंग और देखभाल के लिए चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बताया कि पूरे मानव तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।




