
कांड्रा। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कांड्रा स्थित अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड में अनुकंपा के आधार पर स्थायी नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। स्वर्गीय अशोक कुमार महतो के आश्रित को नौकरी देने की मांग को लेकर JLKM समर्थकों ने 20 अगस्त 2026 से कंपनी के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया है।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और कंपनी के सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हुई। JLKM कार्यकर्ताओं ने कंपनी के हेड सिक्योरिटी गार्ड पर प्रदर्शन कर रहे एक युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, आरोपों को लेकर कंपनी प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा मामला?
स्वर्गीय अशोक कुमार महतो अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड में DRI (Lab Assistant) के पद पर स्थायी रूप से कार्यरत थे। उनके पुत्र मनीमय महतो के अनुसार, अशोक कुमार महतो का 4 फरवरी 2026 को असामयिक निधन हो गया। इसके बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया।
परिवार का कहना है कि भरण-पोषण के लिए कोई अन्य स्थायी साधन नहीं है। इसी आधार पर मृतक के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग की जा रही है।
मनीमय महतो के अनुसार, इस संबंध में 28 जून 2026 को JLKM के केंद्रीय अध्यक्ष जयराम कुमार महतो और स्थानीय विधायक के समक्ष भी आवेदन दिया गया था। इसके बाद कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत के माध्यम से मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया गया।
परिवार का दावा है कि कंपनी प्रबंधन के साथ अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद परिवार और JLKM समर्थकों ने कंपनी के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।
बड़ी संख्या में JLKM समर्थक पहुंचे
धरना-प्रदर्शन के समर्थन में बड़ी संख्या में JLKM कार्यकर्ता और समर्थक कंपनी गेट के बाहर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वर्गीय अशोक कुमार महतो के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिलाना है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, जब तक कंपनी प्रबंधन की ओर से मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से धरना जारी रहेगा।
वहीं, सुरक्षा कर्मियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को लेकर भी स्थिति चर्चा में है। कंपनी प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि अनुकंपा नौकरी की मांग को लेकर शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन आंदोलन आगे क्या रुख लेता है और कंपनी प्रबंधन व आंदोलनकारियों के बीच बातचीत से समाधान निकलता है या नहीं।




