आदिवासी कॉलोनी में सेविका चयन पर विवाद, गैर-एसटी महिला की नियुक्ति रद्द करने की मांग

चाईबासा: सदर प्रखंड अंतर्गत मतकमहातु (महुलसाई) गांव की आदिवासी कॉलोनी टुंगरी (टोला) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र-ए में सेविका चयन को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को शिकायत सौंपकर गैर-एसटी महिला की नियुक्ति रद्द करने तथा नियमों के अनुरूप अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से नई सेविका का चयन कराने की मांग की है।

मंगलवार को जोलेन आइंद की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में आरोप लगाया गया कि करीब छह माह पहले आयोजित सेविका चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई। ग्रामीणों के अनुसार चयन बैठक में सदर बीडीओ और सीडीपीओ भी मौजूद थे, लेकिन आदिवासी बहुल मोहल्ला होने के बावजूद दूसरे मोहल्ले की गैर-एसटी महिला रिया थापा का चयन कर लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी सेविका चयन के नियमों के अनुसार अनुसूचित जनजाति बहुल गांव या मोहल्ले में एसटी वर्ग की महिला को प्राथमिकता दी जाती है। उनका आरोप है कि रिया थापा न तो अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं और न ही संबंधित आदिवासी कॉलोनी की निवासी हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि वह नेपाली समुदाय से आती हैं, इसलिए उनका चयन नियमों के अनुरूप नहीं है।
बैठक के बाद ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को सौंपा। शिकायत पत्र में मतकमहातु पंचायत की मुखिया जुलियाना देवगम ने भी कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिया थापा की नियुक्ति रद्द कर निष्पक्ष एवं नियमसम्मत तरीके से सेविका चयन कराने की मांग की है। बताया गया कि पूर्व सेविका के इस्तीफे के बाद उक्त चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी।
शिकायत पत्र पर 40 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। इनमें मुरारी आल्डा, सूबेदार बिरुवा, नरेश पुरती, आयुष्मति चातर, राजेश बानरा, यशोदा मुंडा, किरण हेंब्रम, सीमा देवगम, रीता बिरुवा, विश्वासी तीड़ू, अनुज पुरती, कविता सामड, पार्वती पुरती, माधुरी पिंगुवा, मसकल देवगम, दिलीप कुमार बिरुवा, ललिता बोदरा, रांदो बिरुवा, विजय सिंह बोदरा, यशुमति चातर, सुनामी मिंज, चंद्रमोहन सोय, ईशा बिरुवा, बबलू सोय, फूलमनी सोय, उमेश चंद्र सोय, विमला पुरती, स्वीटी पिंगुवा और रूपवंती हेंब्रम सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।




