Welcome to Kolhan Samachar Live   Click to listen highlighted text! Welcome to Kolhan Samachar Live
कोल्हानलोकल न्यूज़

Ghatsila : 54 वर्षों से मुआवजे की प्रतीक्षा, परिवार समेत अनशन पर बैठे दीपक पातर

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड पर जमीन कब्जाने और भुगतान नहीं करने का आरोप, मांग पूरी नहीं होने पर नाकाबंदी आंदोलन की चेतावनी

  • यदि जमीन ली गई तो मुआवजा क्यों नहीं मिला?

  • वर्षों से दिए गए आवेदनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

  • क्या अब प्रशासन कोई ठोस समाधान देगा?

घाटशिला : साउथ सूरदा क्षेत्र की धपुआ बस्ती में वर्षों पुराने जमीन मुआवजा विवाद ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया। खुद को जमीन मालिक बताने वाले दीपक पातर अपने पूरे परिवार के साथ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। आंदोलन स्थल पर लगाए गए बैनर, तख्तियों और नारों के माध्यम से उन्होंने प्रशासन और संबंधित कंपनी का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। अनशन स्थल पर मौजूद परिवार के सदस्यों ने बताया कि लंबे समय से न्याय की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

इसे भी पढ़ें : Seraikela : गैरेज चौक स्थित लाइसेंसी शराब दुकान का औचक निरीक्षण, सभी अभिलेख और स्टॉक मिले दुरुस्त

54 वर्ष पहले जमीन अधिग्रहण का लगाया आरोप

दीपक पातर का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर लगभग 54 वर्ष पूर्व हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा कब्जा कर लिया गया था, लेकिन आज तक उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन, जिला स्तरीय अधिकारियों और संबंधित विभागों के समक्ष आवेदन दिया। साथ ही देश के उच्च पदों तक भी अपनी शिकायत पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस मामले ने पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावित किया है, जिसके कारण वे अब निर्णायक संघर्ष के लिए मजबूर हुए हैं।

इसे भी पढ़ें : Ranchi : आरएसएस कार्यालय पर हमले की भाजपा नेता डॉ. जटा शंकर पाण्डेय ने की कड़ी निंदा

मांगें नहीं मानी गईं तो होगा नाकाबंदी आंदोलन

अनशन के दौरान दीपक पातर ने कहा कि यह आंदोलन उनकी मांगों को लेकर अंतिम चेतावनी के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन और कंपनी की ओर से शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया तथा मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो अगले चरण में क्षेत्र में नाकाबंदी आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलनकारियों के हाथों में लिखे स्लोगन भी इस बात का संकेत दे रहे थे कि वे अपने अधिकार और मुआवजे की मांग को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। समाचार लिखे जाने तक कंपनी अथवा प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!