पुलिस लाइन में दंगा रोधी मॉक ड्रिल, आपात स्थिति से निपटने का किया अभ्यास*
*अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी के नेतृत्व में हुआ आयोजन, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था संभालने के तरीकों की दी गई जानकारी*

चाईबासा: जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बुधवार को पुलिस लाइन, चाईबासा में पुलिस बल की ओर से दंगा रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर चाईबासा बहामन टूटी ने किया। मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिस कर्मियों को दंगे और उपद्रव जैसी परिस्थितियों में भीड़ को नियंत्रित करने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों का अभ्यास कराया गया।
अभ्यास के दौरान पुलिस कर्मियों को बल प्रयोग के नियमों, भीड़ नियंत्रण, आंसू गैस के गोले छोड़ने और विषम परिस्थितियों में सूझबूझ के साथ काम करने की जानकारी दी गई। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना के दौरान पुलिस बल के विभिन्न दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने और समय पर कार्रवाई करने के तरीकों का अभ्यास किया गया।
इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में पुलिस बल को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहना जरूरी है। इसके लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है, ताकि वास्तविक परिस्थिति में पुलिस कर्मी बिना घबराए सही निर्णय ले सकें।
उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिस कर्मियों को संयम, अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए। कानून-व्यवस्था की स्थिति में आवश्यकतानुसार नियमों के तहत कार्रवाई करना और आम लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की तैयारी, तत्परता और कार्यक्षमता को परखना था। इस तरह के अभ्यास से पुलिस कर्मियों को संभावित चुनौतियों से निपटने का अनुभव मिलता है और आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलती है।




