जमशेदपुर में केंद्रीय शांति समिति की सक्रियता पर उठे सवाल, दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता भी चर्चा में
शांति समिति की भूमिका, बैठकों और सामाजिक भागीदारी को लेकर उठे सवाल; दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति पर लगे आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच की मांग

जमशेदपुर: जिले में केंद्रीय शांति समिति की भूमिका और सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूर्व में दुर्गा पूजा सहित अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान पुलिस-प्रशासन, पूजा समितियों और आम लोगों के बीच समन्वय स्थापित करने में केंद्रीय शांति समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका देखी जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में समिति की गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हुई है। आरोप लगाया जा रहा है कि कई स्थानों पर जिला और थाना स्तर की शांति समितियों की गतिविधियां नियमित संवाद और सामाजिक भागीदारी के बजाय बैठकों तक सीमित होती जा रही हैं। इसी बीच जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति के अध्यक्ष अचिन्त्यम गुप्ता और उनके सहयोगियों पर लाखों रुपये के कथित गबन के आरोप लगाए जाने का मामला भी चर्चा में है। समिति से जुड़े कुछ पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों की ओर से समिति के पंजीकरण, आमसभा, आय-व्यय के लेखा-जोखा और ऑडिट को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में समिति के पूर्व सचिव अरुण सिंह के हवाले से गठन और नियमावली से संबंधित दावे भी किए गए हैं। इसके अलावा पूजा समितियों से आर्थिक सहयोग लिए जाने और उस राशि के उपयोग तथा लेखा-जोखा में पारदर्शिता को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित संस्थाओं के रिकॉर्ड, आय-व्यय विवरण और ऑडिट रिपोर्ट की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्रीय शांति समिति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह भी मांग की जा रही है कि जिला प्रशासन समिति की वर्तमान भूमिका, सदस्यता, बैठकों और कार्यप्रणाली की समीक्षा करे तथा यदि समिति से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां संचालित होती हैं तो उनमें आवश्यक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही थाना स्तर की शांति समितियों में सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों, जनप्रतिनिधियों, पूजा समितियों और पुलिस के बीच नियमित संवाद को मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि त्योहारों के दौरान केवल औपचारिक बैठकों के बजाय स्थानीय स्तर पर प्रभावी समन्वय कायम किया जा सके। फिलहाल केंद्रीय शांति समिति और दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति से जुड़े आरोपों एवं सवालों पर संबंधित पक्षों तथा प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।




