*कोल्हान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की मांग, छात्र आंदोलन की चेतावनी*

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की मांग की। छात्र नेताओं ने कहा कि आदिवासी बहुल अनुसूचित क्षेत्र में स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय हजारों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन वर्तमान में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और महाविद्यालयों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। वहीं शैक्षणिक सत्र भी करीब एक वर्ष पीछे चल रहा है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और रोजगार संबंधी अवसरों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय धीरे-धीरे केवल नामांकन और परीक्षा आयोजित करने तक सीमित होता जा रहा है।
छात्र संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक बैठक निर्धारित नहीं की गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से वार्ता को लेकर गंभीर पहल नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल 2026 को विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र आंदोलन किया गया था। आंदोलन के करीब चार माह बीत जाने के बाद भी कुलपति के साथ छात्रों की समस्याओं पर गंभीर और निर्णायक बैठक नहीं हो सकी है। इससे विद्यार्थियों में असंतोष बढ़ रहा है।
छात्र नेताओं ने कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से बातचीत के जरिए समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त समय दिया है। अब यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो छात्र संगठन चरणबद्ध तरीके से जोरदार आंदोलन करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य विश्वविद्यालय को बंद करना या विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित करना नहीं है। छात्र संगठन नियमित कक्षाएं, समय पर शैक्षणिक सत्र, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों की समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं।
छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन से तत्काल बैठक बुलाकर समस्याओं पर ठोस और समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र पहल नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में पीजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष सनातन पिंगुआ, टाटा कॉलेज के पूर्व सचिव पीपुन बारीक, विकास तमसोय, आशीष गागराई, सौरिश पिंगुआ, कृष्णा हेम्ब्रम, समित कालिंदी, अभिषेक कुंकल, बैजू हेम्ब्रम और अर्जुन गोप सहित अन्य छात्र उपस्थित थे।




