सरायकेला-खरसावां में सड़क सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवस्थित पार्किंग और सुगम यातायात पर जोर
उद्योग सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में बैठक, मुख्य सड़कों पर अनावश्यक रूप से खड़े भारी वाहनों पर कार्रवाई और वाहन चालकों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

सरायकेला-खरसावां: जिले में सड़क सुरक्षा एवं सुगम यातायात परिचालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उद्योग सचिव, झारखंड सरकार अरवा राजकमल की अध्यक्षता में 28 सितंबर 2026 को सरायकेला परिसदन सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वांगीयारी, उद्योग विभाग की अपर सचिव प्रीति रानी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र रविशंकर प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामद, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह सहित संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के आसपास मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों के अनियंत्रित एवं अनावश्यक ठहराव, पर्याप्त एवं व्यवस्थित पार्किंग की उपलब्धता, पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं तथा मुख्य सड़कों पर अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों से उत्पन्न यातायात संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। चिलियामा क्षेत्र में रूंगटा स्टील प्लांट के बाहर मुख्य सड़क पर ट्रकों के खड़े रहने से संबंधित जनहित याचिका के संदर्भ में भी आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में आने वाले भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि मुख्य सड़कों पर वाहनों के अनावश्यक ठहराव को कम कर यातायात का सुचारु एवं सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया जा सके। उद्योग सचिव ने रूंगटा माइंस, राजनगर की पार्किंग व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान पार्किंग स्थल को सुव्यवस्थित रखने और वाहन चालकों की सुविधा के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही पार्किंग स्थल पर वाहनों के सुरक्षित ठहराव और सुचारु आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्य सड़कों पर अनावश्यक एवं अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के कारण यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए ऐसे वाहनों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से यातायात व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर का भी जायजा लिया गया, जहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान डेडिकेटेड ट्रॉमा सेंटर के प्रस्ताव की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं के बाद प्रभावित लोगों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात के लिए प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है। उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भारी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग, वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं और मुख्य सड़कों पर अनावश्यक वाहन ठहराव को नियंत्रित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।




