*सिलफोड़ी के आदिवासी टोला में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची के निर्देशानुसार 60 दिवसीय मेगा विधिक जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को प्रखंड चक्रधरपुर के पंचायत सिलफोड़ी के आदिवासी टोला में निःशुल्क विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर में उप LADC सुरेंद्र दास मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की संरचना और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों, उनके लिए कानून में किए गए सुरक्षा और संरक्षण के प्रावधानों तथा सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया।
सुरेंद्र दास ने ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत आदिवासियों को व्यक्तिगत और सामुदायिक पट्टा तथा जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों का प्रावधान है।
शिविर में ग्रामीणों को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, डायन प्रथा और कन्या भ्रूण हत्या जैसे मामलों के प्रति भी जागरूक किया गया। बताया गया कि इस तरह के मामलों की जानकारी पुलिस को 112 या 100 नंबर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दी जा सकती है।
इस दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत, श्रमिक निबंधन और मध्यस्थता के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर और स्पॉन्सरशिप योजना तथा DLSA की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा के बारे में ग्रामीणों को बताया गया।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र श्वेता रवानी, करण कुंभकार, अनिता बोदरा और रीना प्रधान उपस्थित रहीं। उन्होंने ग्रामीणों के बीच पंपलेट का वितरण कर विभिन्न कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी देना था।




