चाईबासा के कोंकोसी में ग्रामीणों ने बड़कुंवर गागराई का किया स्वागत, सड़क-पानी-बिजली और सरना स्थल का मुद्दा उठा
जनसभा में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, पूर्व मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और सरकार तक मांगें पहुंचाने का दिया भरोसा

चाईबासा: चाईबासा विधानसभा क्षेत्र के सदर प्रखंड अंतर्गत कोंकोसी गांव में पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई का ग्रामीणों ने स्वागत किया। गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने जाफूल बुके एवं ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया। इसके बाद आयोजित जनसभा में ग्रामीणों ने गांव की विभिन्न समस्याओं को पूर्व मंत्री के समक्ष रखा।
ग्रामीणों ने सड़क, पानी और बिजली की समस्याएं बताईं
ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। उनका कहना था कि इन सुविधाओं की कमी के कारण रोजमर्रा के जीवन में परेशानी होती है।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि एक दिन पहले कोंकोसी गांव का प्रतिनिधिमंडल उनके आवास पर पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने गांव और आसपास के क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया था और गांव आने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद वह ग्रामीणों से मिलने और समस्याओं को मौके पर देखने के लिए कोंकोसी पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कोंकोसी गांव में उनका यह पहला दौरा है और ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने और संबंधित स्तर पर आवाज उठाने की बात कही।
सरना स्थल की घेराबंदी और सुंदरीकरण की मांग
जनसभा के दौरान कोंकोसी के सरना स्थल की स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि सरना स्थल की घेराबंदी नहीं होने के कारण यह असुरक्षित है और अतिक्रमण का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने सरना स्थल की पक्की घेराबंदी, सुंदरीकरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने पूजा-अर्चना के दौरान बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और रोशनी की सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की।
इसके अलावा सरना स्थल के चारों ओर पौधारोपण, टाइल्स लगाने, चबूतरा और प्रवेश द्वार बनाने की मांग भी ग्रामीणों ने रखी।
पर्वों के दौरान जुटते हैं ग्रामीण: गागराई
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि सरहुल और करमा जैसे पर्वों के दौरान सरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटते हैं। ऐसे में स्थल का विकास और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने स्थानीय विधायक सह मंत्री दीपक बिरुवा और झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार गांवों के विकास और आदिवासी समाज के हित की बात करती है, लेकिन कोंकोसी जैसे गांवों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है तो सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों से जुड़ी समस्याओं का समाधान जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
मौके पर जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा वरिष्ठ नेत्री राजश्री बानरा, दुनिया कुंभार सहित अन्य सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




