चाईबासा: झींकपानी में विशेष आयुष स्वास्थ्य शिविर, 86 लोगों की हुई जांच
कुम्हार टोली के आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित शिविर में नि:शुल्क आयुष दवाओं का वितरण, बुजुर्गों को स्वास्थ्य और योग के प्रति किया जागरूक

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को झींकपानी प्रखंड के कुम्हार टोली स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में विशेष आयुष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीणों के गांव और घर के करीब पहुंचाने का प्रयास किया गया।
86 लाभार्थियों की हुई स्वास्थ्य जांच
शिविर में कुल 86 लाभार्थियों की स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद जरूरतमंद लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया और उनके बीच नि:शुल्क आयुष दवाओं का वितरण किया। शिविर में बुजुर्गों के साथ अन्य ग्रामीणों की भी स्वास्थ्य जांच की गई।
शिविर का मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों को उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के लिए समय पर परामर्श और उपचार उपलब्ध कराना रहा। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना कई बार मुश्किल होता है। ऐसे में गांव में ही स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से उन्हें लंबी दूरी तय किए बिना स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला।
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने दी सेवाएं
शिविर में डॉ. श्रवण कुमार यादव, डॉ. दीपक कुमार लायक और योग प्रशिक्षक मनीष पूर्ति ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। इनके साथ सहिया सावित्री बुरुली, ज्योतिफल, सिलवाती, भानुमति और सचड़ा प्रदान ने भी शिविर के संचालन में सहयोग किया।
चिकित्सकों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक सलाह दी और स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार आयुष चिकित्सा एवं दवाएं उपलब्ध कराईं।
संतुलित आहार और नियमित जांच की दी सलाह
शिविर के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता पर भी जोर दिया गया। चिकित्सकों ने बुजुर्गों को संतुलित और पौष्टिक आहार लेने, पर्याप्त स्वच्छ पानी पीने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी।
ग्रामीणों को उम्र के अनुसार शारीरिक गतिविधियां जारी रखने और दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
योग और प्राणायाम का कराया अभ्यास
योग सत्र के दौरान ग्रामीणों को सरल योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वच्छता बनाए रखने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की अपील की।
साथ ही लगातार बनी रहने वाली बीमारी, कमजोरी या किसी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई। आयुष विभाग की इस पहल से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हुई।




