
चाईबासा:प्रकाश गुप्ता:मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद चाईबासा नगर क्षेत्र में जलभराव और मकान गिरने की घटना सामने आई। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

आमला टोला स्थित जेपी मार्केट क्षेत्र में बारिश के कारण मिट्टी से बना एक पुराना कच्चा मकान ढह गया। घटना के बाद नगर परिषद अध्यक्ष ने प्रभावित परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था कराई। परिवार को खिरवाल धर्मशाला में अस्थायी रूप से ठहराया गया। नगर परिषद की ओर से परिवार को कपड़े और भोजन भी उपलब्ध कराया गया।
बारिश के दौरान परिवार के चार छोटे बच्चे भीग गए थे। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए नितिन प्रकाश ने सदर अस्पताल की एमटीसी टीम से संपर्क कर उनकी स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल की व्यवस्था कराई।
इसके बाद नगर परिषद अध्यक्ष ने नदी किनारे स्थित गरीब बस्तियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था और संभावित आपदा की स्थिति में वैकल्पिक इंतजामों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपात परिस्थितियों में जान-माल की क्षति को कम करना और प्रभावित लोगों को समय पर सुरक्षित स्थान तथा जरूरी सहायता उपलब्ध कराना नगर परिषद की प्राथमिकता है।
बाद में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार के साथ प्रभावित स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान राहत व्यवस्था और भविष्य में भारी बारिश व जलभराव जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई।
मौके पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी, अंचलाधिकारी उपेंद्र कुमार, नगर परिषद उपाध्यक्ष विकास शर्मा, वार्ड कमिश्नर शैलेश प्रसाद, कार्यपालक पदाधिकारी संतोषिनी मुर्मू, सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर चौधरी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु रॉय, विवेक सिन्हा समेत अन्य लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया।
नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में नगर परिषद प्रभावित नागरिकों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। प्रशासन, नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समन्वय से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नदी किनारे और अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।




