
रांची: झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि 4 अगस्त को पूरे झारखंड में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राज्य सरकार की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य कार्यक्रम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा के समीप लुकैयाटांड में आयोजित होगा, जहां मुख्यमंत्री 14 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सोरेन परिवार के सदस्य तथा हजारों समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन स्थल पर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला भव्य वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया जा रहा है, जबकि प्रतिमा स्थापना और अन्य निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं।
झामुमो के अनुसार, दिशोम गुरु की पहली पुण्यतिथि केवल नेमरा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के सभी 24 जिलों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाएगा। जिला समितियां प्रमुख चौक, पार्क और सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित करेंगी, ताकि आम लोग भी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। कई स्थानों पर उनकी आदमकद प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी।
राजधानी रांची में अलबर्ट एक्का चौक पर विशेष श्रद्धांजलि सभा, रक्तदान शिविर तथा जरूरतमंदों के बीच वस्त्र, फल और दवाओं के वितरण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। वहीं, रामगढ़ जिला प्रशासन ने लुकैयाटांड और नेमरा में सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा, सड़क, पार्किंग सहित सभी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्यमंत्री की चचेरी बहन एवं जिला परिषद सदस्य रेखा सोरेन ने बताया कि मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम लुकैयाटांड में होगा, जबकि नेमरा स्थित पैतृक आवास पर पारिवारिक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष, विचारों और झारखंड आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।




