खरीफ कर्मशाला में किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी, बीज वितरण और योजनाओं से जुड़ने का आह्वान

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को खरीफ मौसम में बेहतर उत्पादन के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों, गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, सिंहभूम सांसद जोबा माझी, मझगांव विधायक नीरल पूर्ति, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, उपायुक्त मनीष कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से बिरसा कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर उन्नत खेती, फसल प्रबंधन, बीज उपचार, प्राकृतिक खेती और सरकारी योजनाओं के प्रति किसानों को जागरूक करेगा।

इस अवसर पर जेएसएलपीएस की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित आम बिक्री स्टॉल और पलाश स्टॉल का भी उद्घाटन किया गया। अतिथियों ने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
कृषि विभाग की ओर से 19 किसानों के बीच धान बीज का वितरण किया गया, जबकि जेएसएलपीएस से जुड़ी महिला समूहों को क्रेडिट लिंकेज के तहत डमी चेक प्रदान किए गए। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
सांसद जोबा माझी ने कृषि को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए किसानों से आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। वहीं जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने वैज्ञानिक खेती, बागवानी, पशुपालन, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर बल दिया।
कार्यक्रम में किसानों को खरीफ फसल उत्पादन, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। समापन के दौरान किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने तथा झारखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया गया।




