जज्बे को सलाम : छात्रा के संघर्ष और शिक्षा के प्रति उसके समर्पण की चहुंओर हो रही सराहना
माता-पिता विहिन छात्रा डेढ़ वर्ष के भाई को लेकर हर रोज पहुंचती है स्कूल

कोल्हान समाचार डेस्क : छोटे भाई को गोद में लेकर स्कूल पहुंची। परिवार की परिस्थितियों और छोटे भाई की देखभाल की जिम्मेदारी होने के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा। इस घटना ने शिक्षा, पारिवारिक जिम्मेदारियों और बाल देखभाल जैसी सामाजिक चुनौतियों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कई लोगों ने छात्रा के संघर्ष और शिक्षा के प्रति उसके समर्पण की सराहना की, वहीं यह सवाल भी उठाया कि ऐसी परिस्थितियों में परिवारों और विद्यार्थियों को बेहतर सहयोग कैसे उपलब्ध कराया जाए।
जिम्मेदारी और सपनों की उड़ान
सुबह के सात बजे थे। पहाड़ों के बीच बसे छोटे से गांव में कक्षा 9 की छात्रा अस्मिता तमांग स्कूल की तैयारी कर रही थी। लेकिन आज उसके कंधे पर सिर्फ स्कूल बैग ही नहीं था, बल्कि गोद में उसका डेढ़ साल का छोटा भाई भी था।
मां और पिता दोनों ही इस दुनिया में नहीं है। घर में छोटे भाई की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। अस्मिता के सामने दो रास्ते थे, या तो वह स्कूल छोड़ दे, या फिर भाई को साथ लेकर पढ़ने जाए। उसने दूसरा रास्ता चुना।
स्कूल पहुंचते ही कई बच्चे उसे देखकर हैरान रह गए। कुछ हंसने लगे, लेकिन उसकी कक्षा अध्यापिका ने जब पूरी बात सुनी तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने अस्मिता को कक्षा में बैठाया और छोटे भाई को भी अपने पास रखने को कहा। जब बच्चा रोने लगता, तो अस्मिता उसे चुप कराकर फिर अपनी पढ़ाई में लग जाती।
उस दिन स्कूल के सभी बच्चों ने अस्मिता की हिम्मत और जिम्मेदारी को करीब से देखा। प्रधानाचार्य ने भी उसकी सराहना की और कहा, “सच्ची शिक्षा वही है, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने सपनों का साथ न छोड़े।” अस्मिता की कहानी पूरे इलाके में फैल गई। लोगों ने उसके परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाए।
अस्तिमा ने साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर हौसला मजबूत हो तो सपनों की राह नहीं रुकती। उसकी मुस्कान और संघर्ष हर उस बच्चे को प्रेरित करते हैं, जो कठिनाइयों के बीच अपने भविष्य को संवारने का सपना देखता है। जिम्मेदारी और शिक्षा साथ-साथ चल सकती हैं। कठिन परिस्थितियां इंसान को रोकती नहीं, बल्कि उसे और मजबूत बनाती हैं।
विडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.instagram.com/reel/DY6wtBXBoEj/?igsh=cjF4OG1qcWFzOXhl
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : पल्स पोलियो अभियान में रेल सिविल डिफेंस टीम की अहम भूमिका, घर-घर जाकर बच्चों को पिलाएगी पोलियो की खुराक




