लोको पायलटों को प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष प्रशिक्षण, 190 ने लिया हिस्सा

जमशेदपुर:- इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में रेल सिविल डिफेंस की ओर से लोको पायलटों के लिए प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस सेवा, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में रांची, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, डांगवापोसी, आद्रा, खड़गपुर, संतरागाछी और टाटानगर से कुल 190 लोको पायलटों ने हिस्सा लिया।
दुर्घटना स्थल पर प्रथम रिस्पांडर की भूमिका अहम
प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में केवल दर्शक बनने के बजाय मददगार की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि घायल व्यक्ति को समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से उसकी जान बचाने में मदद मिल सकती है। लोको पायलट कई बार दुर्घटना स्थल पर प्रथम रिस्पांडर के रूप में पहुंचते हैं, ऐसे में मेडिकल टीम के पहुंचने से पहले उनके द्वारा दिया गया प्राथमिक उपचार बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
संतोष कुमार ने लोको पायलटों को प्राथमिक चिकित्सा, ट्रायेज प्रक्रिया, एंबुलेंस के जरिए घायलों की सुरक्षित ट्रांसपोर्टिंग और गोल्डन आवर में किए जाने वाले आवश्यक प्रबंधन की जानकारी दी।
बैंडेज और सीपीआर का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान ट्रायंगुलर बैंडेज की मदद से नैरो बैंडेज और ब्रॉड बैंडेज तैयार करने की व्यावहारिक विधि सिखाई गई। रक्तस्राव रोकने के साथ-साथ सिर, ठुड्डी, हाथ, घुटने और छाती पर जलने जैसी चोटों में बैंडेज के इस्तेमाल का अभ्यास भी कराया गया।
डिजिटल माध्यम और पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए फायर एक्सटिंग्विशर के सुरक्षित और सही इस्तेमाल की जानकारी दी गई। डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह और रमेश कुमार ने सीपीआर एवं फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का मॉक ड्रिल कराकर प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
महिला लोको पायलटों ने भी लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में पैसेंजर, मेल-एक्सप्रेस और रिफ्रेशर लोको पायलट शामिल हुए। महिला लोको पायलटों को विशेष रूप से एलपीजी गैस से लगी आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल का अभ्यास कराया गया। इस दौरान महिला लोको पायलटों में खासा उत्साह देखने को मिला।
वरिष्ठ लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस टीम के प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। सिविल डिफेंस की ओर से बताया गया कि अब तक 20 हजार से अधिक लोको पायलटों को आपदा राहत कार्यों से संबंधित बहुविषयक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।




