Silli : रामडेरा में डहरे करम झुमर महोत्सव का भव्य आयोजन, पारंपरिक नृत्य-गीत से सजा अखाड़ा
महाकवि महिपाल साधु सांस्कृतिक कला संस्थान के स्थापना दिवस पर जुटे कलाकार और ग्रामीण

- महाकवि महिपाल साधु की प्रतिमा निर्माण में सहयोग की अपील
सिल्ली : महाकवि महिपाल साधु सांस्कृतिक कला संस्थान, सिल्ली की ओर से संस्थान के स्थापना दिवस के अवसर पर रामडेरा में डहरे करम झुमर महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रामडेरा के पूर्व स्थित नागेडीह गांव में महाकवि महिपाल साधु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद कलाकार और ग्रामीण डहरे गीत गाते हुए शोभायात्रा के रूप में चालीटांड होते हुए रामडेरा पहुंचे। यहां करम डाली स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। साथ ही महाकवि महिपाल साधु के चित्र को अखाड़ा में स्थापित किया गया। महोत्सव में पारंपरिक डहरे करम गीत और झुमर नृत्य की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। गांव की महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से पीले परिधान में पहुंचीं महिलाओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर में जलजमाव और गंदगी से बढ़ी परेशानी, संक्रमण का खतरा मंडराया
पारंपरिक डहरे करम गीतों और झुमर नृत्य ने बांधा समां
महोत्सव में संस्थान के संरक्षक सह गायक गुणाधर महतो, गायक नीलकमल मांझी, ढोलकी वादक गोंझु लोहरा, गायक धनेनाथ महतो और विद्याधर महतो की टीम ने पारंपरिक गीत-संगीत एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। संस्थान के अध्यक्ष योगेन्द्र महतो ने बताया कि रामडेरा में महाकवि महिपाल साधु की प्रतिमा स्थापित करने के लिए जमीन आवंटित हो चुकी है और अब निर्माण कार्य बाकी है। उन्होंने ग्रामवासियों से प्रतिमा निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में डॉ. परमानंद महतो, डॉ. पशुपति महतो, कार्तिक महतो, क्षेत्रमोहन महतो, दिनेश महतो, अम्बा देवी, शशि महतो, नेहरू महतो, समीर मुखर्जी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।




