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कोल्हानझारखंड

Chaibasa : मझगाँव मारपीट मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट सिर्मा देवगम ने की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

घायलों से मुलाकात के बाद पीएमओ, अनुसूचित जनजाति आयोग, डीसी और एसपी को भेजा पत्र

  • मामले की जांच जारी, आधिकारिक बयान का इंतजार

चाईबासा : मझगाँव प्रखंड में हुए चर्चित मारपीट मामले को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट एवं कोल्हान अवाम अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष सिर्मा देवगम ने बुधवार को सदर अस्पताल, चाईबासा पहुंचकर घायल युवकों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना और घटना से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इसके बाद देवगम ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई की उठी मांग

अपने पत्र में सिर्मा देवगम ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की मांग की। देवगम ने घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारी पर कथित लापरवाही के आरोपों की जांच कर उन्हें निलंबित करने तथा विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की है। इसके अलावा उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सरकारी खर्च पर कराने और प्रत्येक पीड़ित को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी है।

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जाहेरथान की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस चौकी की मांग

देवगम ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मझगाँव स्थित देशाउली क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा प्रतिबंधित सामग्री का सेवन किया जा रहा था, जिसका गांव के युवाओं ने आदिवासी धार्मिक परंपराओं का हवाला देते हुए विरोध किया। उनके अनुसार, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में कुछ लोगों द्वारा आदिवासी युवकों के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई युवक घायल हो गए। उन्होंने संबंधित जाहेरथान की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की भी मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस अथवा दूसरे पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका था। मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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