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चाईबासा : राजस्थान की नाबालिग से दरिंदगी पर चाईबासा में फूटा जनाक्रोश, सैकड़ों छात्राओं संग सामाजिक संगठनों का आक्रोश मार्च; दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर सजा की बुलंद मांग…

चाईबासा / Balram Panda: राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और मानव तस्करी से जुड़े सनसनीखेज मामले के विरोध में सोमवार को चाईबासा में सामाजिक संगठनों और छात्राओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया, पोस्ट ऑफिस चौक से निकाले गए सांकेतिक आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और महिला कॉलेज छात्रावास की छात्राओं ने भाग लेकर घटना की तीखी निंदा की तथा दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की.

आक्रोश मार्च का नेतृत्व रेयांश सामड ने किया, प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अपराधियों को शीघ्र कठोर सजा दिलाने तथा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की.

मार्च को संबोधित करते हुए रेयांश सामड ने कहा कि नाबालिग बच्ची के साथ हुई यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है, उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए, पुलिस और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के तहत ऐसी सख्त सजा सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी अपराधी इस तरह की घटना को अंजाम देने का साहस न कर सके.

सामाजिक कार्यकर्ता सुशीला बोदरा ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराध गंभीर चिंता का विषय हैं, उन्होंने कहा कि केवल कठोर कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन, त्वरित अनुसंधान और समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया भी उतनी ही आवश्यक है, उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाएं.

आक्रोश मार्च में जोहार संस्था के रमेश जेराई, आदिवासी हो समाज महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय सिंह सुमब्रुई, कोल्हान आदिवासी एकता मंच के संयोजक यदुनाथ तीयू, अधिवक्ता महेंद्र जामुदा, नामा सगेन महिला समिति की हीरामणि देवगम, सुशीला बोदरा, जांबी कुदादा, मधुसूदन बानरा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए, महिला कॉलेज छात्रावास की सैकड़ों छात्राओं की भागीदारी ने प्रदर्शन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया.

मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि नाबालिग से दुष्कर्म और मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़िता को समय पर न्याय मिले और समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों में भय कायम हो सके.

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