*सिलफोड़ी में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर ग्रामीणों को दी गई कानूनी जानकारी*

चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से चलाए जा रहे 60 दिवसीय मेगा अभियान के तहत चक्रधरपुर प्रखंड की सिलफोड़ी पंचायत के सिलफोड़ी गांव में सोमवार को डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
अभियान के दौरान पीएलवी ग्रुप-2 के अधिकार मित्र कर्ण कुंभार और अनीता बोदरा ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को नालसा की नशा मुक्ति और कल्याण संबंधी योजना डॉन (NALSA DAWN-Drug Abuse and Wellness Navigation Scheme) के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना, नशा पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
अधिकार मित्रों ने बताया कि योजना के तहत स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और प्रखंडों में जागरूकता अभियान चलाया जाता है। नशा पीड़ितों और उनके परिवारों को निःशुल्क कानूनी सलाह देने के साथ पुनर्वास, स्वास्थ्य सेवाओं, परामर्श, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, सड़कों पर रहने वाले बच्चों, सेक्स वर्करों, केमिस्टों, नशा पीड़ितों, उनके परिवारों और आम लोगों को भी इस योजना की जानकारी दी जाती है।
ग्रामीणों को बताया गया कि नशे के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। नशे से प्रभावित लोगों को उपचार और कानूनी सहायता की जरूरत होने पर डालसा के माध्यम से मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। सहायता के लिए नालसा की हेल्पलाइन नंबर 15100 और राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 की जानकारी भी दी गई।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को वृद्धावस्था और विधवा पेंशन, श्रम कार्ड, आधार कार्ड, शिक्षा का अधिकार, आयुष्मान भारत कार्ड और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और अबुआ आवास योजना की जानकारी देकर पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
डोर-टू-डोर भ्रमण के दौरान गांव के कई परिवारों का सर्वे किया गया। ग्रामीणों को राशन कार्ड, मंईयां सम्मान योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आभा (एबीएचए) कार्ड, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान कुछ परिवारों के दस्तावेज भी जमा किए गए, ताकि उन्हें संबंधित विभागों से जोड़कर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता से वंचित न रहे।




