बड़ाजामदा में बंद खदानों को चालू कराने समेत छह मांगों को लेकर पुतला दहन, न्यूनतम मजदूरी ₹1500 करने की मांग
आदिवासी किसान मजदूर पार्टी और झारखंड जनरल कामगार यूनियन ने निकाली रैली, रोजगार, डीएमएफटी फंड और हाथियों के उत्पात का मुद्दा उठाया

बड़ाजामदा/गुवा: आदिवासी किसान मजदूर पार्टी-सह-झारखंड जनरल कामगार यूनियन की ओर से बुधवार को बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन की मुख्य सड़क पर वन विभाग एवं खनन विभाग का पुतला दहन किया गया। इससे पहले संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विभिन्न नारों के साथ रैली निकाली, जिसके बाद आयोजित जनसभा में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर मांगें उठाई गईं। सभा में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों और मजदूरों को पलायन करना पड़ रहा है। संगठन ने बंद पड़ी खदानों को आदिवासी समूहों के माध्यम से चालू कर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही जामदा क्षेत्र में लोडिंग-अनलोडिंग के कार्य में मशीनीकरण बंद कर मजदूरों को रोजगार देने की मांग रखी गई। संगठन की ओर से खनन क्षेत्र में मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी 1500 रुपये लागू करने, डीएमएफटी फंड से क्षेत्र में विकास कार्यों की गारंटी देने तथा लीज अवधि समाप्त हो चुकी क्रशर जमीन को संबंधित जमीन मालिकों को वापस करने की मांग भी उठाई गई। जनसभा में क्षेत्र में हाथियों के उत्पात का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया और वन विभाग से हाथियों के कारण होने वाली समस्या पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। कार्यक्रम के दौरान मानसिंह निरिया, जॉनी मिरन मुंडा समेत संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।




