*आजीविका महिला संकुल संगठन की वार्षिक आमसभा संपन्न, नशा कारोबार छोड़ स्वरोजगार से जुड़ीं महिलाएं*

चाईबासा: झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के जेएसएलपीएस के तत्वावधान में संचालित आजीविका महिला संकुल संगठन स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा चक्रधरपुर प्रखंड के केन्दो पंचायत में आयोजित हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष सह झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सन्नी उरांव मौजूद रहे। सभा में सरकारी योजनाओं की प्रगति और महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी लाभार्थियों के समक्ष रखी गई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में इटोर पंचायत के मुखिया सोमनाथ कोया, केन्दो पंचायत की मुखिया, स्थानीय पंचायत समिति सदस्य, जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), संकुल स्तरीय संघ की महिला पदाधिकारी, बड़ी संख्या में महिला लाभार्थी और बुजुर्ग शामिल हुए।
*योजनाओं का प्रस्तुत किया गया लेखा-जोखा*
वार्षिक आमसभा में संगठन की ओर से राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति का लेखा-जोखा लाभार्थियों के सामने प्रस्तुत किया गया। ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने, महिला सशक्तिकरण और समूह के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।
*नशा कारोबार छोड़ स्वरोजगार की ओर बढ़ीं महिलाएं*
कार्यक्रम में कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। महिलाओं ने बताया कि वे पहले हड़िया, शराब या अन्य नशे की सामग्री बेचने के काम से जुड़ी थीं। सरकार की ओर से मिले ऋण और आजीविका सहयोग से उन्होंने दुकान सहित अन्य स्वरोजगार शुरू किया। महिलाओं के अनुसार, स्वरोजगार से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और समाज में सम्मान भी बढ़ा है।
सभा में महिलाओं की इस पहल को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। महिलाओं ने कहा कि सरकारी योजनाओं की मदद से वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
*उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं सम्मानित*
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सन्नी उरांव और अन्य अतिथियों ने बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं और समूहों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
सन्नी उरांव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। जेएसएलपीएस की योजनाओं से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को छोड़कर स्वरोजगार अपनाने वाली महिलाएं समाज के लिए उदाहरण हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधि महिलाओं के उत्थान और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए सहयोग करते रहेंगे।
कार्यक्रम का समापन संगठन के पदाधिकारियों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




