*सिलफोड़ी में डोर-टू-डोर अभियान, ग्रामीणों को दी कानूनी योजनाओं की जानकारी*

चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA), नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची के निर्देश पर चल रहे 60 दिवसीय मेगा विधिक जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को चक्रधरपुर प्रखंड के सिलफोड़ी पंचायत अंतर्गत सिलफोड़ी गांव में डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के दौरान PLV ग्रुप नंबर-2 की अधिकार मित्र पिंकी बोदरा, कर्ण कुंभकार और अनिता बोदरा ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी।
अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को वृद्धावस्था और विधवा पेंशन, श्रम कार्ड, आधार कार्ड, शिक्षा, आयुष्मान भारत तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया।
इस दौरान नालसा की प्रमुख योजना NALSA (बाल-मैत्री विधिक सेवाएं) योजना, 2024 की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बाल अनुकूल कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यदि कोई बच्चा बाल विवाह, बाल श्रम या बाल तस्करी का शिकार होता है अथवा किसी कारण से विद्यालय नहीं जा पा रहा है, तो उसे आवश्यक कानूनी सहायता दिलाने के लिए सपोर्ट पर्सन, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रतिमाह 4000 रुपये और निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा का प्रावधान है।
अधिकार मित्रों ने बच्चों के माता-पिता को भी जागरूक करते हुए बाल विवाह और बाल श्रम को दंडनीय अपराध बताया। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने और किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा से संपर्क करने की अपील की।




