सरायकेला में विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने विकास योजनाओं की समीक्षा की, लंबित कार्य दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश
सभापति हेमलाल मुर्मू की अध्यक्षता में हुई बैठक; योजनाओं की गुणवत्ता, नियमित निगरानी और अधिकारियों-संवेदकों की जवाबदेही तय करने पर जोर।

सरायकेला: झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने रविवार को सरायकेला-खरसावां जिले का दौरा कर परिसदन सभागार में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति हेमलाल मुर्मू ने की। इस दौरान लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
समिति के सदस्य और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में समिति के सदस्य नागेंद्र महतो, मथुरा प्रसाद महतो और सोमेश सोरेन के अलावा खरसावां विधानसभा क्षेत्र के विधायक दशरथ गागराई मौजूद रहे। बैठक से पहले उपायुक्त नितिश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वांगीयारी ने सभापति, समिति के सदस्यों और विधायक का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
बैठक में परियोजना निदेशक ITDA उषा मुंडू, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी का निर्देश
समिति ने निर्देश दिया कि जिले में संचालित विकास योजनाओं की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और सांसद को भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके स्तर से भी समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा की जा सके।
पूर्ण हो चुकी योजनाओं का स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शीघ्र उद्घाटन तथा नई योजनाओं का शिलान्यास कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
लंबित योजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कार्यदायी एजेंसियों के कार्यपालक अभियंताओं को नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया।
दिसंबर तक विलंबित योजनाएं पूरी करने का निर्देश
सभी कार्यपालक अभियंताओं को लंबित योजनाओं पर विशेष निगरानी रखने, संवेदकों के साथ नियमित बैठक करने और योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया।
राज्य संपोषित योजनाओं में निर्धारित समय-सीमा से विलंबित कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं, निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करने या अनावश्यक विलंब करने वाले संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आगामी योजनाओं में ऐसे संवेदकों को कार्य नहीं देने के संबंध में भी निर्देश दिए गए।
जिन योजनाओं में काफी विलंब हो चुका है, वहां कार्यशैली में सुधार लाने और संवेदकों के साथ समन्वय स्थापित कर काम जल्द पूरा कराने को कहा गया। ऐसी योजनाओं की उपायुक्त स्तर से नियमित समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेने का भी निर्देश दिया गया।
खनन प्रभावित गांवों के विकास पर जोर
खनन एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा के दौरान खनन गतिविधियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों और टोलों का नियमानुसार विकास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।
पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश
पर्यटन विकास की समीक्षा के दौरान जिले के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए सकारात्मक पहल करने और पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया।
समिति ने लोगों को सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना समेत सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
स्कूलों में स्वच्छता और व्यवहारिक शिक्षा पर जोर
स्कूली शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में खेल-खेल में शिक्षा, स्वच्छता और बच्चों को अच्छे व्यवहार की जानकारी देने की दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा विभिन्न विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाने को कहा गया।
दिशा-निर्देशों के अनुपालन का दिया भरोसा
बैठक के अंत में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार ने समिति के सभापति एवं सदस्यों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों और सुधार संबंधी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनका अनुपालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने समिति को अनुपालन से अवगत कराने की बात भी कही।




