आदिवासी महाजुटान को लेकर रमेश बास्के का कांग्रेस पर हमला, बोले- भय और भ्रम की राजनीति से समाज को गुमराह करने का प्रयास

जमशेदपुर। भाजपा जमशेदपुर महानगर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष रमेश बास्के ने कांग्रेस की ओर से 31 अगस्त को आयोजित आदिवासी महाजुटान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आदिवासी महाजुटान के नाम पर समाज के बीच भ्रम और भय का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है।
रमेश बास्के ने कहा कि कांग्रेस के आदिवासी नेता राजनीतिक स्वार्थ के लिए आदिवासी समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसी राजनीति से समाज में सामाजिक और राजनीतिक द्वेष की भावना पैदा हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज अब इस तरह की राजनीति को समझ चुका है और भय एवं भ्रम से प्रभावित होने वाला नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
बास्के ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी वास्तव में आदिवासी समाज के हित में काम करना चाहती है, तो उसे भय और भ्रम की राजनीति छोड़कर विकास के मुद्दों पर जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता स्वयं तय करेगी कि कौन आदिवासी समाज के हित में काम कर रहा है।
उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए परिसीमन और आदिवासी आरक्षण से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। बास्के ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों में दोहरापन रहा है और अब आदिवासी समाज इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।
रमेश बास्के ने कहा कि आदिवासी समाज जागरूक है और वह सामाजिक विभाजन की राजनीति के बजाय विकास और अधिकारों के मुद्दों को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासी समाज को तथ्यों और विकास के मुद्दों के आधार पर जागरूक करने का काम करती रहेगी।




