*नेत्रदान महादान ही नहीं, जीवनदान भी : डॉ मनोज सिंह मुंडा*

चाईबासा: जिला स्वास्थ्य समिति-अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में सदर प्रखंड चाईबासा स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट 10+2 स्कॉट बालिका उच्च विद्यालय में बुधवार को नेत्रदान पर स्मृति संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नेत्रदान पखवाड़ा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
सदर अस्पताल चाईबासा के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सेलिन सोसन टोपनो ने विद्यार्थियों को नेत्रदान की प्रक्रिया और इसके महत्व के बारे में बताया। उन्होंने नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
सदर अस्पताल चाईबासा के नेत्र पदाधिकारी डॉ मनोज सिंह मुंडा ने कहा कि नेत्रदान महादान है। इससे कॉर्निया संबंधी समस्या के कारण दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी मिल सकती है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। उन्होंने बताया कि मरणोपरांत नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिल सकती है। इसलिए नेत्रदान महादान के साथ-साथ जीवनदान भी है।
संगोष्ठी का संचालन विद्यालय के सहायक शिक्षक सतीश कुमार पटेल ने किया। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खूंटपानी की नेत्र सहायक हेमलता माहली, विद्यालय की प्राचार्य अनीता सावयां और सहायक शिक्षिका मंजू सिंह कुंटिया के अलावा विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




